पेरिस: फ्रांस में पुलिस द्वारा 17 वर्षीय एक किशोर को गोली मारे जाने की घटना के बाद लगातार पांचवें दिन पूरे देश में दंगे जारी रहे, बावजूद इसके की सुरक्षा बलों को भारी संख्या में तैनात किया गया है. हालांकि अधिकारियों ने कहा कि हिंसा के स्तर में कमी आई है, इसी बीच खबर है कि दंगाइयों ने पेरिस के दक्षिण में स्थित एक शहर के मेयर के घर में एक कार घुसा दी, जिससे उनकी पत्नी और उनका एक बच्चा घायल हो गया. इस बात की जानकारी खुद मेयर ने दी. मेयर विंसेंट जीनब्रून ने ट्विटर पर लिखा कि जब उनका परिवार सो रहा था, तब प्रदर्शनकारियों ने आग लगाने से पहले उनके घर में एक कार घुसा दी. मेयर ने लिखा कि पिछली रात मेरे परिवार के लिए बेहद भयावह और अपमानजनक रही.
वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल

बीते मंगलवार को फ्रांस में अल्जीरियाई मूल के 17 वर्षीय किशोर की पुलिस की गोली से मौत हो गई. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. किशोर की मौत के बाद फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन होने लगे. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, यह हिंसा दंगे में बदल गई. यही वजह है कि बीते पांच दिनों से फ्रांस जल रहा है. अब तक दो हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. सरकार हालात सामान्य करने के लिए सभी विकल्पों पर काम कर रही है लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं.
भारी संख्या में सुरक्षा बलों को किया गया तैनात

फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि हिंसा रोकने के लिए देशभर में 45,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. मंगलवार रात को प्रदर्शन की शुरुआत के बाद से पुलिस ने कुल 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया. बख्तरबंद वाहनों और हेलीकॉप्टरों के साथ पुलिसकर्मी फ्रांस के तीन सबसे बड़े शहरों – पेरिस, ल्योन और मार्सिले की सड़कों पर गश्त लगातार गश्त कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न जगहों पर की तोड़फोड़ और आगजनी
अधिकारियों के मुताबिक, युवा प्रदर्शनकारियों की पुलिस से रातभर भिड़ंत हुई. उन्होंने बताया कि विभिन्न जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने करीब 2,500 दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की. वित्त मंत्री ब्रूनो ले मायेर ने कहा कि दस शॉपिंग मॉल, 200 से अधिक सुपरमार्केट, 250 तंबाकू की दुकानों और 250 बैंक आउटलेट पर हमला किया गया या उन्हें लूट लिया गया. ऐसी भी खबरें थीं कि प्रदर्शनकारियों ने ग्रिग्नी में एक आवासीय इमारत में आग लगा दी.
मैक्रों ने रद्द की जर्मनी की राजकीय यात्रा
राष्ट्रपति मैक्रों का पूरा फोकस इस समय दंगों पर किसी भी तरह काबू पाना है. जर्मनी के अधिकारियों ने बताया कि फ्रांस में अशांति के कारण फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जर्मनी की राजकीय यात्रा स्थगित कर दी है. मैक्रों की ये राजकीय यात्रा अगले कुछ दिनों शुरू होने वाली थी. किसी देश की राजकीय यात्रा को रद्द करने का बेहद प्रतिकूल प्रभाव देश की छवि पर पड़ता है. मैक्रों की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह 23 साल में किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति की पहली ऐसी यात्रा थी. बता दें कि इससे पहले भी पेंशन सुधार कानून के हिंसक विरोध के कारण मैक्रों ने इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स III की राजकीय यात्रा को स्थगित कर दिया था.