Parliament Session 2023: मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी जवाब दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि आज मैं देख रहा हूं कि आपने तय कर लिया है कि एनडीए और भाजपा 2024 के चुनाव में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर भव्य विजय के साथ जनता के आशीर्वाद से वापस आएगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश की जनता ने हमारी सरकार के प्रति बार-बार विश्वास जताया है. इसके लिए देश की जनता का आभार. कहते हैं भगवान बहुत दयालु है. वह किसी ना किसी माध्यम से इच्छाओं की पूर्ति करता है.” पीएम ने कहा, “मैं भगवान का आशीर्वाद मानता हूं कि ईश्वर ने विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने का सुझाव दिया. 2018 में भी ये ईश्वर का आदेश था कि विपक्ष ऐसा प्रस्ताव लेकर आए थे. प्रस्ताव हमारी सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं, ये विपक्ष का ही फ्लोर टेस्ट है. एक तरह से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है.”

लोकसभा में लगे मोदी-मोदी के नारे
प्रधानमंत्री मोदी जब सदन में पहुंचे तो मोदी-मोदी के नारे लगे. पीएम विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी सदन में मौजूद हैं.
पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज- ‘आपने कैसी चर्चा की, आपके दरबारी भी बहुत दुखी हैं’
पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए कहा, “आपने इस प्रस्ताव पर किस तरह की चर्चा की है. मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि ‘आपके दरबारी भी बहुत दुखी हैं’. विपक्ष ने फील्डिंग का आयोजन किया, लेकिन चौके-छक्के यहीं से लगे.”
दुनिया में भारत की बिगड़ी हुई साख को संभाला- पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि हमने दुनिया में भारत की बिगड़ी हुई साख को संभाला है और उसे फिर एक बार नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं, अभी भी कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं दुनिया में हमारी साख को दाग लग जाए लेकिन दुनिया अब देश को जान चुकी, भारत के योगदान पर विश्व का भरोसा बढ़ता चला जा रहा है.
सिंधिया का आरोप, पूर्वोत्तर में सभी मुद्दे कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की राजनीति से शुरू हुए
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘…वे मणिपुर घटना का दुरुपयोग करके अपना लॉन्चपैड बनाने की कोशिश कर रहे हैं. मणिपुर में जो हो रहा है वह बेहद निंदनीय है, कोई भी भारतीय नागरिक इसका समर्थन नहीं कर सकता, यह सभी के लिए निंदनीय है… पूर्वोत्तर में सभी मुद्दे कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की राजनीति से शुरू हुए जब उन्होंने अपने फायदे के लिए पूर्वोत्तर में विदेशी घुसपैठियों को लाने, उन्हें नागरिकता, आश्रय और पहचान देने की प्रथा शुरू की.’
राहुल को सिंधिया ने दिया जवाब- भारत को बांटकर देखने की विचारधारा आपकी है, हमारी नहीं है
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में कहा, ‘कल राहुल गांधी ने कहा कि पीएम के लिए मणिपुर भारत का हिस्सा नहीं है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि पीएम ने पूर्वोत्तर को दुनिया से जोड़ा है… भारत को बांटकर देखने की विचारधारा आपकी है, हमारी नहीं है.
सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए’
बीजेपी सांसद राज्यवर्धन राठौड़ ने लोकसभा में कहा, ‘मैं 2008 बीजिंग ओलंपिक (चीन में) में था. हमें पता चला कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी हमसे मिलने आ रहे हैं. वे हमसे मिलने नहीं आए. वे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना से मिले थे. उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए…’
यूपीए ने एक दशक बर्बाद किया- निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा- यूपीए ने पूरा एक दशक बर्बाद कर दिया क्योंकि वहां बहुत भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद था. आज हर संकट और विपरीत परिस्थिति को सुधार और अवसर में बदल दिया गया है. हमने महसूस किया है कि बैंकिंग क्षेत्र को स्वस्थ रहने की जरूरत है और इसलिए हमने कई कदम उठाए हैं. बैंक राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना काम करने में सक्षम हैं, वे पेशेवर ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं. बैंकों में फेलाया हुआ आपका रायता हम साफ कर रहे हैं.
बनेगा नहीं, अब कहते हैं बन गया- निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘बनेगा, मिलेगा’ जैसे शब्द अब प्रचलन में नहीं हैं. आजकल लोग क्या उपयोग कर रहे हैं? बन गया, मिल गया, आ गया. यूपीए के कार्यकाल के दौरान लोग कहते थे बिजली आएगी, अब लोग कहते हैं बिजली आ गई. गैस कनेक्शन मिलेगा, अब ‘गैस कनेक्शन मिल गया…उन्होंने कहा एयरपोर्ट बनेगा, अब एयरपोर्ट बन गया. प्रधानमंत्री आवास मिलेगा, अब मिल गया.
ओवैसी ने पूछा- कहां गया सरकार का जमीर?
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में गोलीकांड का जिक्र करते हुए मोदी सरकार सवाल किया कि क्या ये बहुसंख्यक समुदाय के अतिवाद और कट्टरपंथ की मिसाल नहीं है. अगर है तो सरकार इस पर क्या करेगी. ओवैसी ने कहा, कहां है सरकार का जमीर? नूंह में 750 मुसलमानों के घर बिना किसी प्रक्रिया के गिरा दिए गए क्योंकि वे मुसलमानों के थे. पंजाब-हरियाणा के हाई कोर्ट ने कहा कि ये जातीय सफाया है. ओवैसी ने कहा कि इस मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल तैयार कर दिया गया है.
उम्मीद है सभी सवालों के जवाब देंगे पीएम- प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ”ये पीएम की जिम्मेदारी थी कि वह संसद में आएं और मणिपुर के मुद्दों को बताएं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. यही कारण था कि हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा. मुझे उम्मीद है कि आज वह सभी सवालों का जवाब देंगे.”
संसद में नहीं बोला जाना चाहिए ‘भारत माता की हत्या’- अर्जुन राम मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, अधीर रंजन चौधरी को सरकार पर उंगली उठाने से पहले संसदीय कार्यप्रणाली में स्पीकर और संसद टीवी की भूमिका समझनी चाहिए. राहुल गांधी कल अपने भाषण के दौरान कभी परेशान नहीं हुए, लेकिन ‘भारत माता की हत्या’ शब्द ऐसा नहीं है जिसका इस्तेमाल संसद में किया जाना चाहिए.
राहुल गांधी ने असंसदीय शब्द नहीं इस्तेमाल किया- अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, सदन में यदि कोई शब्द असंसदीय है तो उसे हटाने का प्रावधान है. मुझे नहीं लगता कि राहुल गांधी ने कोई असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है. राहुल गांधी ने कहा कि भारत माता को अपमानित किया जा रहा है. मैंने इस मुद्दे को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया है और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह इसपर विचार करेंगे
ये इंडिया में विश्वास का प्रस्ताव- महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा ने कहा, ये प्रस्ताव सरकार में अविश्वास के बारे में नहीं है. ये इंडिया में विश्वास के बारे में है. अधिकांश अविश्वास प्रस्ताव नकारात्मक होते हैं, ताकि सरकार गिराई जा सके. हम जानते हैं कि हमारे पास नंबर नहीं हैं.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “हम यहां अपने ‘तुम अभी चुप रहो’ गणतंत्र में सवाल पूछने आए हैं, जहां प्रधानमंत्री एक राज्यपाल को ‘चुप रहो’ कहते हैं. इस सदन में निर्वाचित सांसदों के रूप में हमें नियमित रूप से ‘चुप रहो’ कहा जाता है. यह प्रस्ताव मणिपुर में इस मौन संहिता को तोड़ना है. पीएम मोदी हमारी बात नहीं सुनेंगे, वह आखिरी दिन आएंगे और अपना भाषण देंगे. मुझे नहीं पता कि इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण क्या है, हमारे पीएम संसद में आने से इनकार करते हैं या वह उन्होंने मणिपुर जाने से इनकार कर दिया.”