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Varanasi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में शामिल जरूर होते हैं, फिर चाहे वो व्यक्तिगत रूप से हो या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा या फिर कोई मैसेज तो जरूर देते हैं। वाराणसी में शनिवार को G-20 कल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मिनट का वीडियो संदेश दिया। इसमें उन्होंने कहा- ‘मुझे खुशी है कि हम वाराणसी में मिल रहे हैं। जो मेरा संसदीय क्षेत्र है। काशी न केवल दुनिया का सबसे पुराना जिंदा शहर है। बल्कि सारनाथ जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था, वो यहां से दूर नहीं है। यह वास्तव में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी है’

पीएम ने कहा, “4C… कल्चर, क्रिएटिविटी, कॉमर्स और कॉरपोरेशन से दुनिया आगे बढ़ेगी। मुझे खुशी है कि आपके समूह ने ‘कल्चर यूनाइट्स ऑल’ अभियान शुरू किया है। यह ‘वसुधैव कुटुंबकम’…’एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना को ही समाहित करता है।”

‘काशी ज्ञान कर्तव्य और सत्य का खजाना’

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं आपके द्वारा G20 एक्शन प्लान को सॉलिड परिणामों के साथ शेप देने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना करता हूं। यह हमें एक समावेशी और शांतिपूर्ण भविष्य के निर्माण के लिए सांस्कृतिक शक्ति का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाएगा। काशी को ज्ञान, कर्तव्य और सत्य का खजाना माना जाता है। भारत का मंत्र है ‘विरासत भी, विकास भी’।”

संस्कृति सिर्फ हमारी पहचान का हिस्सा नहीं

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी.किशन रेड्डी ने एक ऐसे भविष्य की आशा व्यक्त की जहां संस्कृति सिर्फ हमारी पहचान का हिस्सा नहीं होगी। बल्कि विकास, सामाजिक समावेश और वैश्विक सद्भाव के लिए एक प्रेरक शक्ति होगी। चार प्राथमिकता वाले क्षेत्र समावेशी और टिकाऊ भविष्य के हमारे दृष्टिकोण की आधारशिला हैं।

इनमें सभी की प्राथमिकता एक ऐसी दुनिया को दर्शाती है जो सांस्कृतिक रूप से विविध है। फिर भी एकीकृत है। एक ऐसी दुनिया जहां सांस्कृतिक विरासत अतीत का स्तंभ और भविष्य का मार्ग दोनों है। भविष्य की यात्रा G20 सदस्य देशों और अन्य लोगों के बहुमूल्य योगदान के बिना संभव नहीं होती।

आज जमेगा सुर वसुधा का रंग

केंद्रीय मंत्रियों ने शनिवार को शाम 6.30 बजे बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सुर वसुधा की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जी20 देशों के साथ ही आठ आमंत्रित देश (बांग्लादेश, मॉरिशस, नीदरलैंड, ओमान, सिंगापुर, स्पेन, नाइजीरिया, यूएई) के कलाकार सुर वसुधा कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। छह अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी हिस्सा ले रही हैं। यह कार्यक्रम पहले सऊदी अरब, इटली, इंडोनेशिया में हो चुका है। पहली बार भारत की अध्यक्षता हो रहा है।

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