Spread the love

Varanasi : पूर्वांचल में पैदा होने वाले केले के साथ ही उसके फूल और पत्तियों का स्वाद दुबई के शेख चखेंगे। सोमवार को लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से सोमवार को गाजीपुर स्थित जमनिया के किसानों द्वारा उत्पादित केला, केला का पत्ता और उसके फूल की पहली खेप दुबई भेजी गई। अभी तक दक्षिण भारत से केला का निर्यात किया जाता था, लेकिन अब पूर्वांचल के किसान भी विदेशी बाजार में पहचान बना रहे हैं।

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने वर्चुअली उत्पाद को रवाना किया। एपीडा के क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक डाॅ. सीबी ने बताया कि पहली बार गाजीपुर से केला फल, फूल और पत्ते निर्यात हो रहा है। इसी तरह अमड़ा, करौंदा, भिंडी और परवल का भी निर्यात किया जा चुका है। अगस्त 2022 में 81 मीट्रिक टन सब्ज्जी व फल भेजा गया था। कोरोना काल में पहली बार ब्रिटेन हरी मिर्च भेजी गई थी। 

निरंतर बढ़ती जा रही मांग

पूर्वांचल के एफपीओ की मदद से सब्जियों और फलों की उपज अंतराष्ट्रीय बाजार के मांग के अनुसार होने लगी है। इसका परिणाम यह हुआ कि पूर्वांचल के पेरिशेबल उत्पाद की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ने लगी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के पहले तिमाही के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2023-24 के पहले तिमाही में 248 प्रतिशत की निर्यात में वृद्धि हुई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में 157 टन और वित्तीय वर्ष 2022-23 में 561 टन सब्जी और फलों का निर्यात हुआ है।

लौकी-कटहल तक जा रहा विदेश

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने वर्ष 2020 में वाराणसी में कार्यालय खोलकर राज्य सरकार की मदद से निर्यात बढ़ाया। एपीडा ने कोरोना काल में अप्रैल 2020 में पहली बार ब्रिटेन हरी मिर्ची भेजी थी। वाराणसी से मुख्यतः खाड़ी देश, यूरोप, नेपाल, बांग्लादेश आदि देशों को हरी मिर्ची, भिंडी, परवल, हरी मटर, आम, लीची, केला, कुंदरु, अमरुद, आम, अरुवी, सहजन, लौकी, कटहल, बैंगन, आंवला, सहजन, खरबूजा आदि निर्यात हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *