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Varanasi : वाराणसी समेत यूपी के 5 जिलों के 8 जगहों पर छापेमारी में NIA को देश विरोधी गतिविधियों के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा छात्रों के सहारे प्रतिबंधित संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए सीपीआई (माओवादी) के नेताओं, कैडरों की संलिप्तता भी सामने आई है। वहीं ऐसे तमाम नेताओं और संदिग्धों की सूची भी तैयार कर रही है। उधर, छात्रों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान NIA ने कहा, ”बिहार में नीतीश और विपक्षी सरकारों का विरोध क्यों नहीं करते हो।” NIA के मुताबिक, जांच में फ्रंटल संगठनों और छात्र विंगों को भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे साफ नजर आए।

एनआईए की पूछताछ के बाद आकांक्षा ने कहा कि आवास का दरवाजा एनआईए की टीम ने सुबह 5:30 बजे खटखटाया। कमरों की तलाशी और लैपटॉप को खंगालने के काफी देर बाद एनआईए के अफसरों ने कहा कि हमें शक है कि आप माओवादियों के संपर्क में हैं। इसके बाद कमरे में मिली पत्रिकाओं, पंफलेट, पर्चों, रसीदों सहित अन्य सामग्रियों के बारे में पूछताछ की गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे एनआईए की टीम फ्लैट से बाहर चली गई।

मीडिया में बयान नहीं देगा कोई

एनआईए की सात सदस्यीय टीम मंगलवार की तड़के 3:30 बजे लंका थाने पहुंची। लंका और चितईपुर थाने की फोर्स को साथ लिया, फिर आकांक्षा आजाद के ठिकाने पर छापा मारा। एनआईए की टीम ने पुलिस कर्मियों से कहा कि कोई भी किसी तरह का बयान मीडिया को नहीं देगा। आवास पर किसी को नहीं आने दिया जाएगा। शांति व्यवस्था बरकरार रखनी है। इसके बाद दो महिला सब इंस्पेक्टर और सात कांस्टेबल के साथ एनआईए की टीम ने आकांक्षा के आवास में प्रवेश किया। बाहर पांच सब इंस्पेक्टर और 10 कांस्टेबल के साथ चितईपुर थानाध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा तैनात रहे।

पार्षद ने कहा- तत्काल आवास खाली करें, अपशब्दों का प्रयोग किया

एनआईए की टीम आकांक्षा आजाद के आवास से बाहर निकली तो कॉलोनी के लोग मौके पर जुट गए। करौंदी वार्ड के पार्षद श्याम भूषण शर्मा ने मकान मालिक से कहा कि तत्काल आवास खाली कराएं। आरोप है कि पार्षद ने आपत्तिजनक बात भी कही। इस पर बीएचयू की छात्रा आकांक्षा और सिद्धि आपत्ति ने जताई तो स्थिति हंगामेदार हो गई। चितईपुर थाने की पुलिस ने पार्षद और छात्राओं के साथ ही मौके पर मौजूद अन्य लोगों को हटाया और सभी को शांतिपूर्ण तरीके से रहने के लिए कहा। एहतियातन मौके पर क्यूआरटी तैनात की गई है।

लैपटॉप में मिला पार्टी कामरेड का PDF

BHU में फिलासफी के छात्र और BSM के सदस्य अनुपम ने बताया कि रेड के दौरान अधिकारियों ने लैपटॉप में शहीद भगत सिंह के दोस्त यशपाल द्वारा लिखी गई किताब ‘पार्टी कामरेड’ की PDF फाइल देखी। इसके बारे में पूछा। वहां अलमारियों में रखी 500 के आस-पास किताबों और दस्तावेजों का मुआयना किया। छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि हमारे अखबारों और मैगजीन में क्रांतिकारी विचारों और विरोध-प्रदर्शनों की खबरें और लेख छपते हैं।

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