Varanasi News : आयकर विभाग की लखनऊ से आई टीम ने वाराणसी में विनायक ग्रुप के मालिक और सपा के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी के ठिकानों पर हुई छापेमारी की कार्यवाही में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने सगे – संबंधियों के साथ ही नौकर, ड्राइवर के नाम पर जमीन व आलीशान फ्लैट खरीदे हैं। वरूणा गार्डेंन में फ्लैट और बाबतपुर एयरपोर्ट के पास खरीदी गई जमीन में अबू आजमी की कंपनी के कुछ कर्मचारियों के नाम भी हैं। इसमें वाराणसी में करीब 200 करोड़ की टैक्स चोरी भी सामने आई। देशभर में आजमी और उनके करीबियों के ठिकानों पर गुरुवार शाम से शनिवार सुबह तक छापेमारी हुई।

जमीन की खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेतों की जांच से पता चला कि शहर के तीन बिल्डरों ने अबू आजमी के साथ मिलकर कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मुंबई में भी अबू आजमी के प्रोजेक्ट पार्टनर हैं। अब बिल्डरों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। शहर के बिल्डर पिछले कई वर्षों से अबू आजमी के साथ काम कर रहे हैं।
वाराणसी में इनकम टैक्स की अभी तक की बड़ी कार्रवाई
इनकम टैक्स की ओर से 5 वर्षों में तीसरी बार अबू आसिम आजमी के करीबियों के ठिकानों पर छापा मारा गया है। मगर, कार्रवाई पहली बार हुई। वाराणसी में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इनकम टैक्स टीम ने कार्रवाई पूरी करते हुए वाराणसी के मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा के दो फ्लोर सीज किए हैं। उसमें बने ऑफिस को लॉक करके चाबियां वाराणसी में इनकम टैक्स विभाग को सौंप दी गई। शिवपुर में वरुणा गार्डेन के 42 फ्लैट सीज किए गए हैं। इनकम टैक्स ने विनायक निर्माण कंपनी के सभी बैंक खातों को भी सीज कर दिया है। इन सभी खातों में 160 करोड़ का लेनदेन मिला है। जिसके प्रिंट आउट रिपोर्ट के साथ संलग्न किए गए हैं।
अबू आजमी ने 2007 में रखा रियल इस्टेट के क्षेत्र में कदम
पहले सिल्क व्यापारी और फिर रियल इस्टेट कारोबारी के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाले बिल्डर गणेश गुप्ता, साड़ी कारोबारी सर्वेश अग्रवाल के साथ मिलकर अबू आजमी ने 2007 में पहला प्रोजेक्ट शिवपुर के वरूणा गार्डेंन के नाम से शुरू किया था। उस समय से वरूणा गार्डेन अपार्टमेंट शहर का सबसे महंगा और पॉश माना जाता रहा है। इस प्रोजेक्ट में मुंबई के एक और बिल्डर ने साथ काम किया था। वर्ष 2012-13 में अबू आजमी ने शहर के बीच मलदहिया चौराहे पर विनायक प्लाजा प्रोजेक्ट शुरू कराया। कई विवादों का निपटारा करते हुए विनायक प्लाजा का निर्माण पूरा हो सका।

इसमें बिल्डर गणेश गुप्ता, सर्वेश अग्रवाल, मुंबई के एक अन्य बिल्डर ने काम किया। छापा मारने वाली टीम के मुताबिक, शॉपिंग कांप्लेक्स के तौर पर बने विनायक प्लाजा में अबू आजमी का पैसा लगा है। मगर, कहीं भी लिखा पढ़ी में नाम सामने नहीं आया। अब अबू आजमी के साथ काम करने वाले अन्य बिल्डरों के बारे में पता लगाया जा रहा है। तमाम संपत्तियां बेनामी हैं। बिल्डर गणेश गुप्ता का तीन वर्ष पहले निधन हो चुका है। अब विनायक ग्रुप में गणेश गुप्ता की पत्नी आभा गुप्ता व सर्वेश अग्रवाल साझेदार हैं।
आठ खाते सीज, लैपटॉप जब्त और मोबाइल का डेटा खंगाला
विनायक निर्माण कंपनी के सभी बैंक खातों से बड़े स्तर पर रुपए लिए गए। कर्मचारियों और करीबियों के साथ भी बड़ी नगदी का लेनदेन किया गया। इन रुपयों का विवरण भी दर्ज नहीं किया गया। ब्रिक्री के बिल भी आधे अधूरे मिले। हालांकि, खातों में 100 करोड़ के आसपास की धनराशि मिली है। इन 8 खातों से लगातार ट्रांजेक्शन जारी है। इनकम टैक्स अधिकारियों ने आठों खातों को सीज कर दिया है। कंप्यूटर के हार्ड डिस्क, मोबाइल सहित तमाम दस्तावेज जब्त करके जांच की जा रही है। वहीं 34 फाइलें भी जब्त की हैं, जिसमें फ्लैट और जमीन खरीदारी का विवरण है।
ED को नोटिफिकेशन भेजेगा इनकम टैक्स
वाराणसी समेत देशभर में अबू आसिम आजमी के खिलाफ कार्रवाई के बाद इनकम टैक्स बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। इनकम टैक्स ने वाराणसी, मुंबई, लखनऊ और दिल्ली समेत सभी कार्रवाई के बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। अब ED को भी नोटिफिकेशन भेजा जाएगा। मामले की जांच में ED भी शामिल हो सकती है।