New Delhi : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) लगातार अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी शक्ति बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को एजेंसी ने गगनयान के पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन-1 (टीवी-डी1) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्च किया। पहले यह लॉन्चिंग सुबह 8 बजे होने वाली थी, लेकिन तकनीकी खामी की वजह से इसे टालना पड़ा और फिर 10 बजे इसका सफल प्रक्षेपण किया गया. इसरो ने घोषणा की कि टीवी-डी1 मिशन पूरी तरह सफल रहा और तय योजना के अनुसार पेलोड बाद में समुद्र में सुरक्षित तरीके से गिर गए.

ये मिशन 8.8 मिनट का था। इस मिशन में 17 Km ऊपर जाने के बाद सतीश धवन स्पेस सेंटर से 10 Km दूर बंगाल की खाड़ी में क्रू मॉड्यूल को उतारा गया। रॉकेट में गड़बड़ी होने पर अंदर मौजूद एस्ट्रोनॉट को पृथ्वी पर सुरक्षित लाने वाले सिस्टम की टेस्टिंग की गई। टेस्ट फ्लाइट में तीन हिस्से थे- अबॉर्ट मिशन के लिए बनाया सिंगल स्टेज लिक्विड रॉकेट, क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम। विकास इंजन को मॉडिफाई कर ये रॉकेट बनाया गया था। वहीं क्रू मॉड्यूल के अंदर का वातावरण अभी वैसा नहीं था जैसा मैन्ड मिशन में होगा।

पहले जानते हैं कि गगनयान मिशन क्या है?
गगनयान देश का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है जिसके तहत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष की सैर कराई जाएगी। इस मिशन को अगले साल के आखिर या 2025 की शुरुआत तक भेजा जा सकता है। 2024 में मानव रहित परीक्षण उड़ान होगी, जिसमें एक व्योममित्र रोबोट भेजा जाएगा। गगनयान मिशन का उद्देश्य तीन दिवसीय गगनयान मिशन के लिए 400 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा पर मानव को अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाना है।

मिशन में अभी क्या हुआ है?

इसरो ने शनिवार को गगनयान के तहत इसके पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन-1 (टीवी-डी1) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया। इस उद्देश्य में इस्तेमाल होने वाले परीक्षण वाहन ‘क्रू एस्केप मॉड्यूल’ का उपयोग करते हुए यह परीक्षण किया गया। क्रू एस्केप मॉड्यूल लॉन्च के बाद अंतरिक्ष में पहुंचा और फिर सही-सलामत बंगाल की खाड़ी में उतर गया। इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने गगनयान की पहली सफलता को लेकर कहा, ‘मुझे गगनयान टीवी-डी1 मिशन की सफलता की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है।’ उन्होंने टीवी-डी-1 टेस्ट मिशन: क्रू एस्केप मॉड्यूल की सफल लैंडिंग के बाद वैज्ञानिकों को बधाई दी।