Varanasi : भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 148वीं जयंती मंगलवार को उत्साह व उल्लास के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान दौड़, विचार गोष्ठी, रैली व खेलकूद का आयोजन किया जा रहा हैं। स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर से लेकर देहात तक विभिन्न आयोजन हुए। भारतीय जनता पार्टी की ओर से बाइक रैली निकालकर एकजुटता और एकता का संदेश दिया गया। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए और शहर के प्रमुख मार्गों पर रैली निकाली गई। वहीं सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली।

विचारों से लोह पुरुष बने सरदार वल्लभभाई पटेल
एकता रैली के समापन पर आयोजित कार्यक्रम को दक्षिणी विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने संबोधित किया। पूर्व मंत्री डॉ नीलकंठ ने कहा कि लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल केवल नाम नहीं श्रेष्ठ विचार है। राष्ट्रीय आंदोलन से लेकर आजादी के बाद भी सरदार पटेल के योगदान को बुलाया नहीं जा सकता। हर राष्ट्र की एकता खंडात और सुरक्षा तथा देश की आंतरिक सुरक्षा में उनका योगदान अनुकरणीय है। आज भारत के लोह पुरुष सरदार पटेल की जयंती के साथ हम भारत के अखंडता जश्न भी मानते हैं। सरदार पटेल स्वतंत्रता सेनानी थे और स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री बने। विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने याद दिलाएगा 1947 में देश में 560 से ज्यादा छोटी बड़ी रियासत थे। कुछ रियासते भारत में शामिल होने के खिलाफ थी। लेकिन सरदार पटेल ने अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता से इन रियासतों के भारतीय संघ में मिलवाया और देश के विभाजन को रोका।
BHU में निकाला गया रन फॉर यूनिटी

राजकीयकर्मियों ने राष्ट्रीय एकता व अखंडता की शपथ ली। लोगों ने सरदार पटेल के आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में रन फॉर यूनिटी के तहत एनसीसी के छात्रों ने एकता का संकल्प लिया और बीएचयू विश्वनाथ मंदिर से मालवीय भवन तक दौड़ लगाई। इस दौड़ में एनसीसी के अधिकारी एवं सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राओं का समूह शामिल हुआ। दौड़ से पहले विश्वनाथ मंदिर के बाहर एक संगोष्ठी सभा का आयोजन हुआ जिसमें सरदार वल्लभ भाई पटेल के आदर्शों और उनकी जन्म जयंती पर उन्हें नमन किया गया।