Varanasi News : वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एडीशनल डायरेक्टर साक्ष्य समेत स्टडी रिपोर्ट जिला एवं सत्र न्यायालय में सब्मिट सबमिट करने वाले थे। लेकिन सोमवार को ASI ने एक बार फिर से 7 दिन का समय मांगा है। भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित कुमार श्रीवास्तव ने जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है कि एएसआई के सुपरिटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट अविनाश मोहंती का अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई है। लिहाजा वह अदालत में उपस्थित होकर रिपोर्ट दाखिल करने में असमर्थ हैं। इसलिए रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ्ते बाद की तिथि नियत की जाए। जिला जज ने एएसआई को 18 दिसंबर को रिपोर्ट सब्मिट करने को कहा।

मांगा एक सप्ताह का समय, कोर्ट ने दी 18 दिसंबर की तारीख
ASI के अधिवक्ता ने ऐसे में एक सप्ताह बाद की कोई तिथि नियत की जाए जिसपर सर्वे रिपोर्ट जमा की जा सके। इस प्रार्थना पत्र पर जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने दोपहर दो बजे के बाद सुनवाई करते हुए ASI के अधिवक्ता को सूना। वहीं इस एक सप्ताह के अतिरिक्त समय मांगने पर किसी पक्ष ने आपत्ति नहीं की, जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में 18 दिसंबर की तिथि अगली सुनवाई के लिए तय की है। बता दें कि इससे पहले बीते 30 नवंबर को एएसआई को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीसरी बार 10 दिन का अतिरिक्त समय अदालत ने दिया था। साथ ही, यह भी कहा था कि उम्मीद करते हैं कि एएसआई अब आगे समय की मांग नहीं करेगा।
तहखाना प्रकरण में पक्षकार बनने की अर्जी पर आदेश आज
ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाना प्रकरण में पक्षकार बनने की अर्जी पर जिला जज की अदालत सोमवार को अपना आदेश सुनाएगी। यह अर्जी प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से दी गई है। अदालत के आदेश से तय होगा कि वह मुकदमे में पक्षकार बनाए जाएंगे या नहीं बनाए जाएंगे। तहखाना प्रकरण से संबंधित वाद व्यास परिवार के शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने दाखिल किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि व्यासजी के तहखाने पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी कब्जा कर सकती है। उन्होंने अदालत से व्यासजी का तहखाना जिलाधिकारी को सुपुर्द किए जाने की मांग की है।