
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष और BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना दूसरे दिन सोमवार को भी जारी है। इस बीच विनेश फोगाट समेत 8 पहलवान सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। इन्होंने कोर्ट से बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
विनेश फोगाट समेत 8 महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया कि 21 अप्रैल को दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में शिकायत देने के बावजूद एफआईआर नहीं दर्ज हुई है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने महिला पहलवानों के पक्ष की तरफ से वकील कल जल्द सुनवाई की मांग करेंगे.
वहीं दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट मांगी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा कि अभी तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ सात शिकायतें मिली हैं और उन सभी की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

सांसद बृजभूषण के खिलाफ रेसलर के आरोप
विनेश फोगाट ने सोमवार सुबह कहा, ‘आप सभी को नमस्कार, जैसे कि आप सब जानते हैं। 3 महीने पहले हमने रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आवाज उठाई थी। हमारे साथ में कुछ राजनीति हुई है। सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। 4 हफ्ते का समय मांगा था। 3 महीने हो गए हमें इंतजार करते हुए, हमारे साथ आज भी न्याय नहीं हुआ है।’
उन्होंने कहा ‘दो दिन पहले हम पुलिस स्टेशन गए थे। जहां 7 लड़कियों ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायत दी है। शिकायत में मांग की कि बृजभूषण ने जो शारीरिक शोषण किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस हमारी FIR भी दर्ज नहीं कर रही है, जिसके बाद इंतजार कर जंतर-मंतर पर आए हैं।
खबर से जुड़े आज के अहम अपडेट्स
- दिल्ली पुलिस ने इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन और केंद्रीय खेल मंत्रालय की बनाई दोनों जांच कमेटियों की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने सांसद बृजभूषण पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
- बजरंग पूनिया ने कहा, ‘इस बार सभी दलों का हमारे धरने में शामिल होने के लिए स्वागत है, चाहे वह भाजपा, कांग्रेस, आप या कोई अन्य पार्टी हो। हम किसी भी पार्टी से जुड़े नहीं हैं।’ पिछली बार जनवरी में पहलवानों ने किसी भी पार्टी के नेताओं को मंच पर नहीं आने दिया था।
- पूर्व गर्वनर सत्यपाल मलिक ने पूछा कि सरकार किस मुंह से बेटी बचाओ का नारा देती है। देश की बेटियां तो पिछले 3 महीने से न्याय के लिए भटक रही हैं। देश के भविष्य से खिलवाड़ सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जिस पर आरोप लग रहे हैं वह भाजपा सांसद हैं।
- हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खिलाड़ियों का समर्थन किया है। हुड्डा ने ट्वीट कर कहा – जिन खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया है, उन्हें न्याय के लिये धरना देना पड़े तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।